फर्जी पुलिस बनकर कर रहे थे वसूली! LLB छात्र और HR कर्मचारी गिरफ्तार, नकली पिस्टल भी बरामद
पुलिस की वर्दी और अधिकार का फर्जी इस्तेमाल कर लोगों से वसूली करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र में दो युवक खुद को पुलिसकर्मी बताकर राहगीरों की वाहन चेकिंग कर रहे थे और हेलमेट व ट्रैफिक नियमों का डर दिखाकर पैसे वसूल रहे थे। लोगों को शक हुआ तो उन्होंने दोनों को घेर लिया और आईडी कार्ड दिखाने की मांग की। इसके बाद पूरा मामला खुल गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक नकली पिस्टल भी बरामद की है।
पुलिस के मुताबिक, गुरुवार रात करीब साढ़े नौ बजे शाहपुरा चौराहे से सूचना मिली कि दो युवक सिविल ड्रेस में वाहन चालकों को रोककर खुद को पुलिसकर्मी बता रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में ले लिया। शुरुआत में दोनों आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और खुद को कोहेफिजा थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी बताया। लेकिन जब उनसे पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज मांगे गए तो उनकी कहानी झूठी साबित हो गई। पूछताछ में उनकी पहचान अमान खान और कार्तिक मिश्रा के रूप में हुई। अमान एक निजी आईटी कंपनी में एचआर के पद पर कार्यरत है, जबकि कार्तिक मिश्रा एलएलबी का छात्र है। तलाशी के दौरान अमान की कमर से एक नकली पिस्टल भी बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।
घटना के दौरान मौजूद राहगीरों ने दोनों का वीडियो भी बना लिया। वीडियो में लोग उनसे पूछते नजर आ रहे हैं कि वे किस थाने से हैं, उनका आईडी कार्ड कहां है और सड़क पर वाहन चेकिंग करने का अधिकार किसने दिया। लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि दोनों खुद बिना हेलमेट के थे और दूसरों पर कार्रवाई का दबाव बना रहे थे।
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने सफाई देते हुए कहा कि वे सिर्फ "प्रैंक" कर रहे थे। हालांकि पुलिस ने इस दावे को खारिज कर दिया। पुलिस का कहना है कि मौके पर किसी तरह की वीडियो शूटिंग या प्रैंक की कोई व्यवस्था नहीं थी, इसलिए यह तर्क स्वीकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों की कॉल डिटेल, आपराधिक रिकॉर्ड और उनकी पिछली गतिविधियों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने अब तक कितने लोगों से फर्जी पुलिस बनकर वसूली की है। मामले में विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच जारी है।