बारिश में सड़ गया सरकारी धान! बोरियों से उग आए पौधे, लापरवाही पर जांच के आदेश
मध्य प्रदेश के सागर संभाग के पन्ना जिले से सरकारी अनाज के भंडारण में भारी लापरवाही की तस्वीर सामने आई है। यहां समर्थन मूल्य पर खरीदा गया हजारों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे बारिश में भीगकर खराब हो रहा है। हालत यह है कि धान की बोरियों से अब पौधे तक निकल आए हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
मामला पन्ना जिले के बड़ागांव और लक्ष्मीपुर खरीदी केंद्र का है, जहां किसानों से खरीदा गया धान लंबे समय से खुले में रखा हुआ था। लगातार बारिश और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण धान की बोरियां पूरी तरह भीग गईं। कई बोरियां सड़ने लगीं और उनमें अंकुर फूट आए। यह दृश्य सरकारी व्यवस्था और अनाज के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते धान का उठाव कर सुरक्षित वेयरहाउस में रखा जाता या तिरपाल से ढंक दिया जाता, तो लाखों रुपए मूल्य का यह अनाज खराब नहीं होता। आखिर जनता के टैक्स के पैसे से खरीदे गए अनाज की जिम्मेदारी कौन लेगा?
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। पन्ना कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। वहीं वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन आयोग के अध्यक्ष संजय नागायच ने भी ब्रांच मैनेजर को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं।
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि अंकुरित धान की जानकारी विभाग के संज्ञान में है। अब यह जांच की जाएगी कि कितनी बोरियां खराब हुई हैं। उन्होंने कहा कि धान की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन और संबंधित ब्रांच मैनेजर की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और नुकसान की भरपाई भी जिम्मेदार अधिकारियों से कराई जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि हर साल भंडारण के लिए करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ऐसी लापरवाही आखिर कब तक होती रहेगी? क्या इस बार केवल जांच होगी, या जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई भी देखने को मिलेगी?