ताबड़तोड़ फायरिंग में दो सगे भाइयों की मौत, गांव में दहशत, सरकारी जमीन पर खू नी संग्राम!
एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां सरकारी जमीन पर कब्जे के विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। सुमावली थाना क्षेत्र के हटूपुरा गांव में एक ही परिवार के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी हुई, फिर लाठी-डंडे चले और देखते ही देखते गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा गांव दहल उठा। इस खूनी संघर्ष में दो सगे भाइयों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, एमपी के मुरैना जिले के हटूपुरा गांव के पास करीब पांच बिस्वा सरकारी बीहड़ जमीन को लेकर पिछले दो वर्षों से परिवार के दो पक्षों के बीच विवाद चला आ रहा था। एक पक्ष ने पहले से जमीन के हिस्से पर मकान बना रखा था, जबकि दूसरा पक्ष उसी भूमि पर निर्माण करना चाहता था। रविवार सुबह दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ा कि गाली-गलौज के बाद दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई। आरोप है कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर सीधे गोलियां चला दीं।
इस गोलीबारी में 42 वर्षीय राजवीर गुर्जर और उनके छोटे भाई अजब सिंह उर्फ बंटो गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं अजब सिंह के बेटे विकास उर्फ विक्की और बड़े भाई धीरेंद्र उर्फ पप्पू भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें ग्वालियर रेफर किया गया है। मृतकों के परिजनों का आरोप है कि करीब 12 से 14 लोगों ने मिलकर हमला किया, जिनमें कई लोग हथियारों से लैस थे। उनका कहना है कि पहले भी पुलिस को विवाद की शिकायत दी गई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अब परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी, सुरक्षा और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उधर, एएसपी सुरेंद्र पाल सिंह डाबर ने बताया कि सरकारी जमीन के कब्जे को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। फिलहाल पूरे गांव में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।