Sagar- ये क्या हो रहा है भाई ये क्या हो रहा है...अरे-अरे कांग्रेस पार्षद नाली के पानी में बैठ गए !
एक बड़ी ही मशहूर कहावत है की आग लगने पर कुआं खोदना, मतलब संकट आने तक समस्या के समाधान की दिशा में कोई ध्यान न देना। बस यही काम सागर नगर निगम भी कर रही है। ये नज़ारा कहीं और का नहीं बल्कि सागर के परकोटा स्थित नाव मंदिर क्षेत्र का है। सड़क पर गंदा पानी भरा रहता है लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। मुद्दा भी अच्छा था, जिसके बाद कांग्रेस ने भी अनोखा विरोध प्रदर्शन किया, पार्षद समेत अन्य लोग उसी गंदे पानी में धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। सूचना मिलते ही निगम अधिकारी मौके पर पहुंचे और समस्या के समाधान की बात कही।
अब आप सोचिये की क्या निगम किसी प्रदर्शन का ही इन्तजार कर रहा था। मतलब प्रदर्शन के बाद होश आया की समस्या दूर करना है। जिस गंदे पानी से होकर शहर की जनता को निकलना पड़ रहा है वहां ध्यान ही नहीं दिया जा रहा। अरे अगर जनता का डर नहीं है उनका ख़याल नहीं है तो कम से कम मंदिर का ख़याल तो कीजिये, यहां आने वाले लोगों की समस्या तो देखिये। परकोटा के नाव मंदिर क्षेत्र में सड़क पर नाली का गंदा पानी भरा रहता है हर दिन का यही आलम है। जलभराव की समस्या रहती है। लेकिन निगम है की नींद में सोया हुआ है।
इसी को लेकर कांग्रेस के पार्षदों ने मोर्चा खोलते हुए धरना दिया। और सड़क पर गंदे पानी में ही बैठ गए। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष बब्बू यादव के नेतृत्व में पार्षदों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। जिससे कुछ देर के लिए जाम की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था की मंदिर के पास नालियों की नियमित सफाई न होने से गंदा पानी सड़क पर भर जाता है। जलभराव होने से गंदा पानी मंदिर तक पहुंच रहा है जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा।
नेता प्रतिपक्ष बब्बू यादव का आरोप है की इस संबंध में कई बार नगर निगम अधिकारियों से शिकायत की गई। लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। कांग्रेस पार्षद शिवशंकर गुड्डू यादव ने कहा की नगर निगम की लापरवाही के कारण क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से जलभराव की समस्या झेलनी पड़ रही है। अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने जल्द समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। साथ ही समस्या का समाधान करने की बात कही। जिसके बाद धरना प्रदर्शन ख़त्म हुआ।------