16 साल की नाबालिग को 21 साल का बताकर तीन लाख में बेचकर कराई शादी, बड़े गिरोह का खुलासा
मानव तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां 16 साल की नाबालिग को 21 साल का बताते हुए उसे तीन लाख रूपये में बेचकर एक व्यक्ति से उसकी शादी करा दी। मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं पांच अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। मामला इंदौर से सामने आया है जहां बाणगंगा थाना पुलिस ने नाबालिग युवतियों की खरीद-फरोख्त कर फर्जी शादी कराने वाले एक संगठित मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया।
16 साल की नाबालिग के आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलकर उसे 21 साल का बताकर तीन लाख रुपये में रतलाम के एक व्यक्ति को बेचकर उसकी शादी कराई गई थी पुलिस को आशंका है की गिरोह कई राज्यों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
एडिशनल डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया के मुताबिक नाबालिग के लापता होने के बाद उसकी मां ने अपहरण का मामला दर्ज कराया था। जांच के दौरान पता चला कि गिरोह ने आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलकर उसे बालिग दिखाया। इसके बाद आरोपी खुद उसके माता-पिता बनकर रतलाम जिले के बड़ावदा निवासी एक व्यक्ति से उसकी शादी करा दी और बदले में तीन लाख रुपये वसूल लिए। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड संजय यादव निवासी मुसाखेड़ी इंदौर, रामविलास उर्फ राकेश यादव निवासी वृंदावन कॉलोनी इंदौर, संजू पाटीदार निवासी बड़ावदा रतलाम और नंदराम पाटीदार को गिरफ्तार किया है। जबकि सोनू बंजारा, किशोर चौहान, कच्छूलाल गुर्जर, लालसिंह गुर्जर और बाबू दादा की तलाश की जा रही है।
पूछताछ में खुलासा हुआ की आरोपी लड़कियों की बार-बार शादी कराकर उन्हें अलग-अलग जगहों पर बेचने की साजिश रचते थे। दो से चार महीने में दूसरी जगह शादी कराने की तैयारी रहती थी। पुलिस का कहना है की गिरोह ने इस तरह 5 से 6 स्थानों पर लड़कियों का सौदा करने की योजना बनाई थी। फिलहाल पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।------