अस्पताल के नाम पर लाखों खर्च लेकिन नतीजा शून्य, 4 साल से लटका ताला, धूल खा रही मशीनें
स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लाखों रूपये खर्च किये जाते हैं। लेकिन व्यवस्थाएं हैं की सुधरने का नाम ही नहीं लेती। पांच साल पहले लाखों रूपये लगाकर जो अस्पताल शुरू किया गया था वह आज अपनी बेबसी पर रो रहा है। आलम कुछ ऐसा है की मशीने धूल और जंग खा रही हैं। और ऐसा आज नहीं बल्कि पिछले चार साल से बदस्तूर जारी है। तस्वीरें छतरपुर जिले के बक्सवाहा क्षेत्र के ग्राम पंचायत निमानी की हैं। जहां स्वास्थ्य केंद्र में ताला लटका हुआ है। लेकिन ध्यान देने वाला कोई नहीं है। सरकारी पैसों का जमकर दुरूपयोग हुआ लेकिन आम जन को कोई फायदा नहीं हुआ।
जानकारी के मुताबिक निमानी में बीते 5 साल पहले लाखों की लागत से उप स्वास्थ्य केंद्र की एक विशाल इमारत का निर्माण कार्य करवाया गया था। भाजपा की विकास यात्रा के दौरान अस्पताल का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक प्रद्युमन सिंह लोधी ने किया था। सभी साधन और संसाधनों से इसकी शुरुआत की गयी थी। कुछ कर्मचारियों को भी भेजा गया था। लेकिन दो-चार महीने बाद ही सारी व्यवस्थाएं वे पटरी हो गई और उप स्वास्थ्य केंद्र में ताला लटका दिया गया। जो पिछले चार सालों से लगा हुआ है। अस्पताल संचालन के लिए लगाई गई लाखों की मशीनरी और संसाधनो में जंग लग रहा है। सालों से बंद पड़े उप स्वास्थ्य केंद्र को लेकर पंचायत प्रतिनिधि का कहना है की सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को लेकर लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर रही है लेकिन प्रशासनिक अधिकारी और विभागों के जिम्मेदार सरकार की मनसा पर पलीता फेरने से परहेज नहीं कर रहे है जिसका परिणाम ये है की सरकार द्वारा लाखों खर्च करने के बाद भी क्षेत्र की जनता स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है मामले में बक्सवाहा के खंड चिकित्सा अधिकारी सत्यम असाटी का कहना है की निमानी में शुरुआत में CHO की पोस्टिंग तो हुई थी के बाद में उनका ट्रांसफर हो गया था। जिसके बाद से CHO और ANM दोनों ही नहीं है। जिसके बारे में वरिष्ठ अधिकारीयों को अवगत कराया जा चुका है।-