बारिश ने बिगाड़ी संपर्क मार्ग की तस्वीर ! कीचड़ के बीच जान जोखिम में डालकर गुजर रहे कांवड़िए
लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ आस्था के रास्ते को भी मुश्किल बना दिया है। उत्तर प्रदेश के पिनाहट से मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के उसैथ चंबल तक जाने वाला संपर्क मार्ग पूरी तरह दलदल और कीचड़ में तब्दील हो चुका है। सड़क पर जलभराव और फिसलन के कारण यात्रियों और कांवड़ियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर सड़क का नामोनिशान तक दिखाई नहीं देता। यात्रियों को स्टीमर तक पहुंचने के लिए कीचड़ से होकर पैदल गुजरना पड़ रहा है। बारिश के कारण सड़क इतनी खराब हो चुकी है कि दोपहिया वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। हर कदम पर फिसलने और हादसे का खतरा बना हुआ है।
श्रावण मास में इस मार्ग का विशेष महत्व होता है। इसी रास्ते से उत्तर प्रदेश के सोरोंजी से पवित्र कांवड़ लेकर हजारों शिवभक्त मध्य प्रदेश के विभिन्न शिव मंदिरों की ओर जाते हैं। लेकिन इस बार आस्था की यह यात्रा कठिन परीक्षा बन गई है। कांवड़िए कंधों पर पवित्र जल लेकर कीचड़ और दलदल के बीच सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं। कई श्रद्धालुओं का कहना है कि बारिश से ज्यादा परेशानी उन्हें बदहाल सड़क की वजह से उठानी पड़ रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का भी कहना है कि लंबे समय से इस संपर्क मार्ग की हालत खराब है, लेकिन लगातार बारिश ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह रास्ता और भी जोखिम भरा हो गया है।
ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस संपर्क मार्ग की तत्काल मरम्मत कराई जाए और जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन मिल सके। उनका कहना है कि श्रावण मास में हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस बदहाल मार्ग को जल्द दुरुस्त कर पाएगा, या फिर श्रद्धालुओं और आम लोगों को इसी तरह दलदल और कीचड़ के बीच अपनी यात्रा जारी रखनी पड़ेगी?