फर्जी गन लाइसेंस का बड़ा खुलासा ! पूर्व कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी गिरफ्तार, पुलिस ने खोला नेटवर्क का राज
एमपी के इंदौर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के कुख्यात अपराधी और पूर्व कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ डकैत को गिरफ्तार कर फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी के पास मिली लाइसेंसी बंदूक का लाइसेंस जम्मू-कश्मीर के कठुआ से जारी होना बताया गया था, लेकिन जांच में वह पूरी तरह फर्जी निकला।
अब पुलिस इस मामले में सिर्फ आरोपी ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुट गई है। पुलिस के मुताबिक अनवर कादरी के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, बलवा, मारपीट और धमकी जैसे 27 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए पहले भी उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई की जा चुकी है।
जांच के दौरान सामने आया कि फरवरी 2025 में अनवर कादरी कथित तौर पर जावेद खान के घर लाइसेंसी बंदूक लेकर पहुंचा था, जहां उसने मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी थी। इसी मामले की जांच के दौरान पुलिस ने शस्त्र लाइसेंस की पड़ताल की, जिसमें बड़ा खुलासा हुआ। पुलिस को पता चला कि जिस लाइसेंस के आधार पर हथियार हासिल किया गया था, वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी और कूटरचना की धाराओं में नया मामला दर्ज कर लिया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी लाइसेंस किसने तैयार किए, हथियार कैसे हासिल किए गए और इस पूरे रैकेट में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
उधर, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस मामले की निष्पक्ष और सख्त जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि फर्जी लाइसेंस के जरिए हथियार हासिल किए गए हैं, तो इसकी जड़ तक पहुंचना बेहद जरूरी है, क्योंकि इस नेटवर्क से कई अन्य लोगों के जुड़े होने की भी आशंका है। फिलहाल पुलिस पूरे फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट के हर लिंक को खंगाल रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।