सागर- दाग ओर दगा जब भी देगा अपना ही देगा, पंडित विपिन बिहारी का आत्मीय स्वागत, उमड़े नगरवासी
दाग ओर दगा जब भी देगा अपना ही देगा, ये बात राष्ट्रीय संत पंडित विपिन बिहारी साथी ने सागर जिले के राहतगढ़ में कही है। दरअसल नगर में सावन के पवित्र महीने में भव्य शिवपुराण का आयोजन किया जा रहा है। जिसके पहले दिन व्यासपीठ पंडित विपिन बिहारी ने ये बात कही। बताया गया की राहतगढ़ में भोपाल तिराहा से उनकी अगवानी कर विदिशा तिराहे सें बनेनी घाट तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। तेज बारिश के बावजूद लोगों के कदम नहीं रुके। लोग हुए इसमें शामिल हुए। बनेनी घाट बीना नदी सें पवित्र जल कलशों मे लेकर यात्रा ब्लॉक कॉलोनी दशहरा मैदान पहुंची। जहां कलशों की विधि विधान सें स्थापना के बाद भव्य शिव महापुराण कथा की शुरुआत हुई।
शिव महापुराण कथा व्यास पंडित विपिन बिहारी साथी, जबकि इसके आयोजक समाजसेवी मंगल प्रसाद साहू और उनका परिवार था।
इस दौरान विपिन बिहारी ने कहा की शिव पुराण सब पुराणों से अलग है। शिव में ही सब है शिव पुराण में 24000 श्लोक और साथ 7 संघीताएं है उन्होंने वृतांत सुनाते हुए शुरुआत की थी। शिव पुराण में उल्लेख है कि भगवान शिव को अकौआ, धतूरा, बेलपत्री क्यों प्रिय है उन्हें दूध दही क्यों चढ़ाया जाता है उनका प्रिय भोजन कौन सा है उनकी पिंडी का आकर कहां प्रकट हुआ और सबसे पहले शिव पुराण कथा कहां सुनाई गई। कथा सुनाते उन्होंने कहा कि जीवन में जब भी दाग ओर दगा मिलेगा अपनो से ही मिलेगा। राम को वन भेजने में माता कैकेई मीरा को जहर देने में उनके पति और प्रह्लाद को आग में जलाने बुआ ने गोद में बिठाया। भक्त शिव की भक्ति में लीन रहे क्योंकि शिव पुराण ही एक ऐसा ग्रंथ है जिससे सभी प्राणियों की नैया पार लग जाती है। शिवपुराण में कहते हैं 10000 साल गंगा के घाट पर बैठकर पूजा करने से जितना फल मिलता है उतना शिव पुराण का एक श्लोक करने से मिलता है। साथ ही कहा की सप्तपुरी की दंडवत यात्रा कर लो, या एक श्लोक सुन लो और जो व्यक्ति कभी गयाजी ना गया हो। वह शिव पुराण का श्लोक सुन ले, ग्रहण कर ले तो उसके पितरों को सौ गुना पुण्य मिलता है।-