Sagar- शिव-पार्वती विवाह की कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, पार्थिव शिवलिंग की महिमा से गूंजा परिसर
धर्म और आस्था से सराबोर माहौल में सागर के धर्म श्री बालाजी सरकार मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमयी श्रीमद् शिवमहापुराण कथा भक्ति महोत्सव श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में रंग रहा है। कथा के षष्ठम दिवस पर चित्रकूट धाम से पधारे बालयोगी संत पूज्य श्री सर्वेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के श्रीमुख से पार्थिव शिवलिंग की महिमा और भगवान शिव-पार्वती विवाह का मनोहारी प्रसंग सुनाया गया।
कथा के दौरान जैसे ही भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रसंग आया, पूरा कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। श्रद्धालु कथा का रसपान करते हुए भावविभोर नजर आए। भजनों और संगीतमयी प्रस्तुति के बीच भक्तों ने भगवान शिव और माता पार्वती के जयकारे लगाए।
कथा व्यास बालयोगी संत श्री सर्वेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज चित्रकूट धाम से पधारे हैं। उनके मुखारविंद से प्रवाहित हो रही शिवमहापुराण की कथा श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कथा के माध्यम से भगवान शिव की महिमा, पार्थिव शिवलिंग के पूजन का महत्व और भगवान शिव-पार्वती के दिव्य विवाह की कथा को विस्तार से बताया जा रहा है। छठे दिन की कथा में पार्थिव शिवलिंग की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भगवान शिव की आराधना और भक्ति के महत्व से परिचित कराया गया। इसके बाद शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनकर भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ कथा का आनंद लिया।
नौ दिवसीय इस धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में भक्त पहुंचकर भगवान शिव की महिमा का श्रवण कर रहे हैं और आध्यात्मिक वातावरण में स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। इस श्रीमद् शिवमहापुराण कथा का आयोजन विमल सोनी जी और ज्योति विमल सोनी, ढाना वाले द्वारा कराया जा रहा है। आयोजकों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को शिवमहापुराण के माध्यम से भगवान शिव की भक्ति और आध्यात्मिक संदेश से जोड़ना है। फिलहाल कथा के छठवें दिवस पर शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना रहा और पूरा कथा परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।