सागर- जन्मदिन पर पार्टी नहीं, टीबी मरीजों के बीच बांटी खुशियां, BMC के रेस्पिरेटरी टेक्नीशियन उमाकांत लोधी ने पेश की मानवता की मिसाल
सागर। जन्मदिन का दिन हर किसी के लिए खास होता है। लोग इस दिन को अपने परिवार और दोस्तों के साथ सेलिब्रेट करते हैं, केक काटते हैं और खुशियां मनाते हैं। लेकिन बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में पदस्थ रेस्पिरेटरी टेक्नीशियन उमाकांत लोधी ने अपने जन्मदिन को कुछ अलग और खास अंदाज में मनाया। उन्होंने अपने जन्मदिन पर टीबी वार्ड में भर्ती मरीजों के बीच पहुंचकर उन्हें बिस्किट वितरित किए और उनके साथ कुछ समय बिताकर खुशियां साझा कीं।
उमाकांत लोधी के इस छोटे से प्रयास ने मरीजों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। जन्मदिन के मौके पर उन्होंने अस्पताल में उपचार करा रहे टीबी मरीजों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान उन्होंने मरीजों के साथ आत्मीयता से बातचीत भी की।
जन्मदिन को बनाया यादगार
उमाकांत लोधी का कहना है कि जन्मदिन केवल खुद खुशियां मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि इस दिन किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना भी बेहद खास अनुभव है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपना जन्मदिन टीबी मरीजों के बीच मनाने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि मरीज बीमारी से जूझ रहे हैं और ऐसे समय में उनका मनोबल बढ़ाना भी जरूरी है। उनके साथ कुछ समय बिताना और छोटी सी खुशी साझा करना उन्हें आत्मिक संतुष्टि देता है।
मरीजों का जाना हाल, बांटे बिस्किट
जन्मदिन के अवसर पर उमाकांत लोधी ने टीबी वार्ड में भर्ती मरीजों के बीच बिस्किट वितरित किए। उन्होंने मरीजों से उनकी तबीयत के बारे में जानकारी ली और उन्हें सकारात्मक रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
अस्पताल में बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए यह पहल भले ही छोटी हो, लेकिन मानवीय दृष्टि से इसका महत्व काफी बड़ा है। किसी मरीज के साथ कुछ पल बातचीत करना और उसे यह एहसास दिलाना कि समाज उसके साथ खड़ा है, उसके मनोबल को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
सेवा से मिली आत्मिक खुशी
उमाकांत लोधी ने कहा कि जब हम अपनी खुशी किसी दूसरे के साथ बांटते हैं, तो वह खुशी और भी बढ़ जाती है। जन्मदिन के अवसर पर जरूरतमंद मरीजों के बीच सेवा करने से उन्हें जो संतुष्टि मिली, वह किसी भी व्यक्तिगत उत्सव से अलग है।
उन्होंने कहा कि समाज में हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार छोटे-छोटे सेवा कार्य कर सकता है। इसके लिए बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती, बल्कि संवेदनशील सोच और दूसरों के प्रति अपनापन होना जरूरी है।
मानवता का संदेश
उमाकांत लोधी की इस पहल ने यह संदेश दिया कि खुशियां केवल अपने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें जरूरतमंदों के साथ साझा किया जाए तो किसी का दिन बेहतर बनाया जा सकता है।
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में जन्मदिन के अवसर पर टीबी मरीजों के बीच बिस्किट वितरण का यह प्रयास सेवा, संवेदनशीलता और मानवता की भावना को सामने लाता है। उनके इस कार्य की अस्पताल परिसर में सराहना की गई। यह पहल उन लोगों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है, जो अपने विशेष अवसरों को समाज सेवा से जोड़कर यादगार बनाना चाहते हैं।