सागर- ज्ञानवीर विश्वविद्यालय में शान से लहराया तिरंगा, राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा पूरा परिसर
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सागर की ज्ञानवीर विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास, गौरव और राष्ट्रभक्ति के माहौल में मनाया गया। विश्वविद्यालय परिसर में भारत माता के जयघोष और देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंज उठा। युवा शक्ति संगठन के अध्यक्ष आकाश सिंह राजपूत और विश्वविद्यालय के कुलपति आदित्य सिंह राजपूत ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। स्वतंत्रता दिवस समारोह को यादगार बनाने के लिए विश्वविद्यालय परिवार ने राष्ट्रभक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस दौरान 100 से अधिक पौधों का रोपण किया गया। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। तिरंगा यात्रा में विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उत्साह के साथ शामिल हुए।
इस अवसर पर कुलपति आदित्य सिंह राजपूत ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के त्याग और बलिदान को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि “ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी हम सबका परिवार है।” विश्वविद्यालय का प्रत्येक सदस्य संस्थान की प्रगति के साथ राष्ट्र निर्माण में भी योगदान दे सकता है। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना देना जरूरी है।
वृक्षारोपण को लेकर कुलपति ने कहा कि एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन और स्वच्छ भविष्य की नींव है। पौधा लगाने के साथ उसकी देखभाल करना भी हमारी जिम्मेदारी है। वहीं युवा शक्ति संगठन के अध्यक्ष आकाश सिंह राजपूत ने तिरंगे को देश की आन, बान और शान बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता वीर शहीदों के बलिदान से मिली है और इसकी गरिमा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने और पर्यावरण संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कुलगुरु महेश शुक्ला, उपकुलगुरु प्रोफेसर मनोज सहित विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, अधिकारी, शिक्षक-कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। समारोह के अंत में सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता, पर्यावरण संरक्षण और देश के विकास में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। स्वतंत्रता दिवस का यह आयोजन राष्ट्रभक्ति, युवा शक्ति और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ संपन्न हुआ।