सागर- गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी, सागर में गौ सम्मान अभियान की तृतीय चरण की बैठक में लिया बड़ा संकल्प
गौ सम्मान आवाह्न अभियान के तृतीय चरण की प्रथम बैठक सागर के पहलवान बब्बा मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक में सागर जिले और आसपास की विभिन्न तहसीलों से आए गौशाला संचालकों, प्रभारियों और गौ भक्तों ने भाग लिया। बैठक में अभियान को व्यापक स्वरूप देने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजकों के मुताबिक अखिल भारतीय स्तर पर साधु-संतों, शंकराचार्यों, धर्माचार्यों, विभिन्न संप्रदायों और महामंडलेश्वरों द्वारा प्रतिपादित इस अभियान का उद्देश्य गौ सम्मान को लेकर जनजागरूकता बढ़ाना है। अभियान की अगली रणनीति को लेकर सागर में आयोजित बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में 5 अगस्त को नई दिल्ली में हुई बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार सागर नगर के साथ-साथ जिले की सभी तहसीलों, विकासखंडों और ग्राम पंचायतों को अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया। इसके लिए स्थानीय स्तर पर नए सदस्यों को जोड़ने और प्रत्येक गौ भक्त की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई। अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक लोगों से हस्ताक्षर कराने का लक्ष्य रखा है। इन हस्ताक्षरों को आगामी 17 दिसंबर को भोपाल में आयोजित होने वाले ज्ञापन समारोह में प्रस्तुत करने की तैयारी है। आयोजकों का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से सरकार के सामने गौ संरक्षण और सम्मान से जुड़ी मांगों को मजबूती से रखा जाएगा।
अभियान की प्रमुख मांगों में गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग शामिल है। बैठक में मौजूद गौ भक्तों ने इन मांगों के समर्थन में अभियान को पूरी क्षमता और संसाधनों के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए केवल बड़े शहरों तक सीमित रहने के बजाय गांव-गांव और ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचना जरूरी है। इसके लिए गौशाला संचालकों और स्थानीय गौ भक्तों को जिम्मेदारी देने पर भी चर्चा हुई। बैठक के अंत में उपस्थित सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे अभियान को जन-जन तक पहुंचाने, अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने और हस्ताक्षर अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे। आयोजकों के अनुसार आने वाले दिनों में अभियान के तहत सागर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क और जागरूकता गतिविधियों को और गति दी जाएगी।