sagar- तीन साल बाद फिर शान से लहराया तिरंगा, तेज बारिश भी नहीं रोक सकी देशभक्ति का जज्बा
सागर जिले के खुरई क्षेत्र के ग्राम खड़ाखेड़ी में इस स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति की ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने ग्रामीणों के उत्साह और राष्ट्रीय भावना को एक बार फिर सामने ला दिया। गांव में करीब तीन साल से 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर सार्वजनिक रूप से ध्वजारोहण नहीं हो रहा था। लेकिन इस बार एक पहल ने गांव में फिर से तिरंगा शान से लहरा दिया। दरअसल, खड़ाखेड़ी गांव की शासकीय शाला बंद होने के बाद राष्ट्रीय पर्वों पर होने वाला सार्वजनिक ध्वजारोहण भी बंद हो गया था। धीरे-धीरे यह सिलसिला करीब तीन साल तक जारी रहा। जब इसकी जानकारी बिलैया गांव निवासी पं. दिशांक तिवारी को मिली तो उन्होंने गांव में दोबारा सार्वजनिक रूप से स्वतंत्रता दिवस मनाने की पहल की।
पं. दिशांक तिवारी तिरंगा लेकर खड़ाखेड़ी गांव पहुंचे। उन्होंने घर-घर जाकर ग्रामीणों से संपर्क किया और स्वतंत्रता दिवस के आयोजन में शामिल होने के लिए लोगों को एकत्रित किया। उनकी पहल के बाद ग्रामीण भी उत्साहित नजर आए और राष्ट्रीय पर्व को सामूहिक रूप से मनाने का निर्णय लिया। खास बात यह रही कि जब ध्वजारोहण का समय आया, तब तेज बारिश हो रही थी। लेकिन बारिश भी ग्रामीणों के देशभक्ति के जज्बे को नहीं रोक सकी। बड़ी संख्या में ग्रामीण बारिश के बीच एक स्थान पर एकत्रित हुए और पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराया गया।
जैसे ही राष्ट्रीय ध्वज आसमान में लहराया, पूरा माहौल देशभक्ति से गूंज उठा। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया और भारत माता की जय के नारे लगाए। बारिश में भी लोगों के चेहरों पर उत्साह साफ नजर आया। करीब तीन साल के अंतराल के बाद गांव में हुए सार्वजनिक ध्वजारोहण ने ग्रामीणों के लिए इस स्वतंत्रता दिवस को यादगार बना दिया। आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि राष्ट्रीय पर्व केवल किसी संस्था या सरकारी भवन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर गांव और हर नागरिक की भागीदारी से ही इनका महत्व और बढ़ता है। पं. दिशांक तिवारी की पहल और ग्रामीणों के उत्साह से खड़ाखेड़ी में एक बार फिर राष्ट्रीय पर्व की परंपरा जीवंत हुई और तिरंगा पूरे सम्मान के साथ लहराया।