सागर- साल में सिर्फ एक दिन खुलते हैं नाग चंदेश्वर के पट, गढ़ाकोटा में उमड़ते हैं हजारों श्रद्धालु
सागर जिले के गढ़ाकोटा में नाग पंचमी के अवसर पर आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। बाजार वार्ड स्थित प्राचीन पंच महादेव मंदिर में नाग पंचमी के दिन साल में सिर्फ एक बार भगवान नाग चंदेश्वर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं। इस खास अवसर पर भगवान के दर्शन के लिए गढ़ाकोटा ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नगर के बीचों-बीच स्थित पंच महादेव मंदिर को श्रद्धालु दिव्य और प्राचीन धार्मिक स्थल के रूप में मानते हैं। मंदिर बाजार वार्ड में मिश्राइन मंदिर के सामने स्थित है। मंदिर परिसर में करीब 20 देवी-देवताओं के विराजमान होने की बात बताई जाती है।
मंदिर की विशेषता यह है कि यहां धार्मिक मान्यताओं से जुड़े कई स्वरूपों के दर्शन एक ही परिसर में होते हैं। मंदिर के ऊपरी हिस्से में द्वादश ज्योतिर्लिंग और श्रीराम दरबार विराजमान हैं। वहीं मंदिर के सबसे ऊपरी हिस्से में भगवान नाग चंदेश्वर के दर्शन होते हैं। इसके अलावा गंगेश्वर, मनसा देवी और श्रीराम भक्त हनुमान जी भी मंदिर परिसर में विराजमान हैं। नाग पंचमी के दिन भगवान नाग चंदेश्वर के पट सुबह से खोल दिए जाते हैं और देर रात तक श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं। साल में केवल एक दिन होने वाले इन विशेष दर्शनों को लेकर भक्तों में खासा उत्साह रहता है।
स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गढ़ाकोटा के नाग चंदेश्वर के दर्शन को उज्जैन के प्रसिद्ध नाग चंदेश्वर मंदिर के दर्शन के समान पुण्यदायी माना जाता है। यही वजह है कि नाग पंचमी के दिन सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगती है। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से लोग परिवार के साथ यहां पहुंचते हैं और भगवान नाग चंदेश्वर का आशीर्वाद लेते हैं। मंदिर परिसर में पूरे दिन धार्मिक माहौल बना रहता है। साल में सिर्फ एक दिन भगवान नाग चंदेश्वर के पट खुलने की यह परंपरा गढ़ाकोटा की धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। श्रद्धालु इस दिन को भगवान शिव और नाग देवता की आराधना के लिए विशेष मानते हैं।