सागर- बुंदेलखंड के महाकाल दरबार में उमड़ा जन सैलाब, नाग चंद्रेश्वर भगवान के लाखों लोगों ने किये दर्शन
सावन का महीना जितना पावन माना जाता है इसका उतना ही महत्व भी होता है। सावन में जब सावन सोमवार और नागपंचमी एक साथ पड़ जाए तो अलग ही उमंग होती है। जिसका नज़ारा सागर जिले के राहतगढ़ क्षेत्र में देखने को मिला। दरअसल सात साल बाद ऐसा संयोग बना है। जिससे नागचंद्रेश्वर मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। करीब चार लाख लोगों के दर्शन करने का दावा है।
आपको नज़र आने वाला ये नज़ारा बुंदेलखंड के महाकाल कहे जाने वाले खेजरा धाम का है जो सागर से गुजरे नेशनल हाईवे झांसी रोड से करीब 25 किलोमीटर दूर है। वहीं बांदरी से 4 किलोमीटर पहले पढ़ता है। खेजरा दुगाहा में अलग ही माहौल दिखा। यहां भी उज्जैन की तरह तीसरी मंजिल पर नाग चंदेश्वर का मंदिर बना हुआ है। जहां विशेष विद्वान पंडितो ने विधि विधान और मंत्रोच्चार के साथ भगवान नाग चंदेश्वर की पूजन अर्चना की।
वहीं विशेष अभिषेक के साथ श्रृंगार किया गया। रात के 12 बजते ही मंदिर के पट खोल दिए गए थे। तभी से भक्तों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गयी थी। आलम कुछ ऐसा था की दिन में जाम की स्थिति बन गयी थी। हाईवे पर भी करीब दो किलोमीटर जाम लगा था। जिसके बाद बांदरी पुलिस ने मोर्चा संभाला। अनुमान है की देर रात तक करीब चार लाख भक्तों ने दर्शन कर लिए थे। बीना विधायक निर्मला सप्रे भी दर्शन करने पहुंची थी। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा स्थान है जिसे मैंने सुना था लेकिन यहां पहुंचकर दर्शन कर उज्जैन जैसा महसूस किया।
मंदिर के पुजारी हिमांशु तिवारी ने बताया की यह दुर्लभ सहयोग 7 साल बाद आया है। वैसे तो यहां 12 महीने भीड़ रहती है लेकिन सावन महीने में लोगों का तांता लगा रहता है सावन सोमवार में तो भीड़ इतनी ज्यादा हो जाती है की संभालना मुश्किल होता है। रविवार रात 12 बजे खुलने के बाद सोमवार रात 12 बजे पट बंद हुए। अब अगले साल ही नाग पंचमी पर यहां के पट खोले जाएंगे। एक तरफ सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गयी तो वहीं पुलिस प्रशासन ने भी मोर्चा संभाला। साथ ही कई वॉलेंटियर भी व्यवस्थाएं संभाले रहें।