सागर की सड़कों पर अवैध ऑटो का मुद्दा गरमाया, बस ऑपरेटर्स ने SP और RTO से लगाई कार्रवाई की गुहार
सागर शहर से बाहर चल रहे बिना परमिट और फिटनेस वाले ऑटो को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जिला बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने ऐसे ऑटो के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को पुलिस अधीक्षक और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने पुलिस और आरटीओ विभाग की संयुक्त चेकिंग कराने की मांग की है। एसोसिएशन के संरक्षक जयकुमार जैन और सचिव अतुल दुबे ने अधिकारियों को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि सागर से आसपास के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों को जोड़ने वाले कई मार्गों पर बड़ी संख्या में ऑटो बिना वैध दस्तावेजों के संचालित हो रहे हैं।
एसोसिएशन के मुताबिक सागर-जैसीनगर, राहतगढ़, नरयावली, जरूआखेड़ा, खुरई-बीना, बीना-खुरई, कर्रापुर और परसोरिया जैसे मार्गों पर कई ऑटो में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जा रहा है। आरोप है कि कुछ ऑटो में 10 से 12 तक सवारियां भरकर उन्हें सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। बस ऑपरेटर्स का कहना है कि कई वाहनों के पास वैध परमिट और फिटनेस प्रमाण-पत्र नहीं हैं। ऐसे वाहनों के संचालन से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है और दुर्घटना की आशंका भी बढ़ती है। एसोसिएशन ने यह भी दावा किया कि इससे निर्धारित मार्गों पर संचालित यात्री बसों के व्यवसाय पर असर पड़ रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि अवैध ऑटो संचालन को लेकर आरटीओ विभाग से पहले भी शिकायतें की गई हैं। एसोसिएशन के अनुसार विभाग की ओर से स्टाफ की कमी का हवाला दिया जाता है। ऐसे में पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम बनाकर चेकिंग कराने की मांग की गई है। एसोसिएशन ने नरयावली, खुरई, बीना, जैसीनगर, राहतगढ़, कर्रापुर और सानौधा थाना क्षेत्रों में भी अवैध ऑटो के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग की है। एसोसिएशन ने जबलपुर हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि अवैध ऑटो के खिलाफ चेकिंग और कार्रवाई जरूरी है। अब देखना होगा कि बस ऑपरेटर्स की शिकायत के बाद पुलिस और आरटीओ विभाग संयुक्त कार्रवाई कब शुरू करता है और शहर से बाहर चल रहे कथित अवैध ऑटो के संचालन पर कितना असर पड़ता है।